द नोवेल कोरोना वायरस : सचेत रहें, डरें नहीं : हर्ष सुमन

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विशेष संवाददाता। 

पूरे विश्व में नोवेल कोरोना वायरस या कोविड १९,जैसा कि इसे नाम दिया गया है, के क्रमिक विकास और उपचार पर लगातार शोध के बावजूद अब तक इसका विश्वसनीय उपचार नहीं मिल पाया है।भारत में इस वायरस के आने से बहुत सारे लोग इसके तेज़ी से फैलने के स्वभाव के कारण घबरा गए हैं।विशेषज्ञों के अनुसार,घबराने की आवश्यकता नहीं है,क्योंकि संक्रमित लोगों को अलग जगहों पर रखा गया है ।लेकिन,फिर भी हमें इसको आगे फैलने से रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए।

आयुर्वेद,स्वास्थ्य और दीर्घ आयु प्राप्त करने का पारंपरिक भारतीय विज्ञान इस सिद्धांत को बार – बार बताता है कि सावधानी उपचार से बेहतर है,जो विश्व  की वर्तमान स्थिति से मेल खाता है,क्योंकि इसका कोई उपचार या टीका उपलब्ध नहीं है।हम सभी एक नागरिक के रूप में सावधानी बरतने पर ध्यान दे सकते हैं।
विशेषज्ञों ने कुछ आवश्यक एवम् सरल सावधानियां बरतने का परामर्श दिया है,जो नोवेल कोरोना वायरस को आगे फैलने से रोकने में सहायक हो सकती हैं।
भीड़ – भाड़ और किसी के संपर्क में आने से बचें :
कोरोना वायरस के खत्म होने तक सार्वजनिक समारोहों में जाने से बचें।यदि आपको कहीं जाना पड़े,तो चेहरे पर मास्क लगाएं।छींकते या खांसते समय सामाजिक स्वच्छता पर ध्यान दें।हाथों को बार – बार अच्छे से धोएं।साबुन और पानी का प्रयोग करें।चेहरे,आंखों और नाक को धोएं और अच्छे से कुल्ला करें,क्योंकि कोरोना वायरस श्लेष्मा झिल्लियों के द्वारा शरीर में प्रवेश करता है,जो प्रायः शरीर के खुले हुए हिस्सों,जैसे – आंखें,नाक,मुंह और जननांगों पर मौजूद होती हैं। एल्कोहोल से बने हाथों के प्रक्षालक का प्रयोग बार – बार करें और कम से कम लोगों के संपर्क में आएं।जब भी आप किसी सार्वजनिक स्थान पर हों या बाहर से घर वापस आएं,तो साबुन और पानी से हाथों को धोए बिना आंखों,नाक या मुंह को ना छुएं।भोजन करने से पहले हाथों को अच्छे से धोएं।
सार्वजनिक शौचालय एवम् सार्वजनिक स्थान:
सार्वजनिक शौचालयों का प्रयोग करने से बचें और सार्वजनिक स्थानों पर दरवाज़े के नोब,हैंडल,रेलिंग आदि को स्पर्श करने से बचें।
बाहर भोजन करने से बचें :
बाहर के ठंडे और जमाए गए भोजन,जैसे – आइसक्रीम,ठंडे पेय पदार्थ, कटे हुए फलों और फलों के जूस से पूरी तरह से बचें।यदि अपरिहार्य स्थिति में भोजन ग्रहण करना पड़े,तो ताज़ा बनाए गए गर्म भोजन को ही खाएं।सलाद और कच्चे भोजन, अधपके या आधे बेक किए भोजन से बचें।आप घर पर ही फलों को अच्छे से धोकर और छीलकर खा सकते हैं। जंक फूड और तला हुआ भोजन ग्रहण ना करना प्रतिरोधक तंत्र और सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा।
प्रतिरोधक क्षमता ही रक्षक है :
जब संक्रमण रोगों की बात आती है,तो एक मजबूत प्रतिरोधक तंत्र होने से सदैव ही बहुत लाभ होता है।अपने स्वास्थ्य और जीवन शैली पर ध्यान दीजिए और एक मजबूत प्रतिरोधक तंत्र के लिए स्वस्थ दिनचर्या का अनुसरण कीजिए।
एक अच्छा शारीरिक चक्र बनाकर रखें :
अच्छे से नींद लें और सही समय पर पर्याप्त भोजन करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
अपनी जीवन शैली में योग और प्राणायाम को शामिल करें।एक सक्रिय जीवन शैली को अपनाएं।
ध्यान करें – यह बहुत अधिक तनाव को दूर करता है और जीवन को जीने लायक बनाता है।तनाव एक बहुत बड़ा विनाशक है और यह प्रतिरोधक तंत्र का सबसे बड़ा शत्रु होता है।हाल ही में, बहुत सारे लोग कोरोना वायरस से भयभीत हैं,जिसके कारण ध्यान एक आवश्यकता बन गया है।ध्यान घबराहट और भय से छुटकारा पाने में मदद करता है और इसके असंख्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं।अपने भोजन में हल्दी और काली मिर्च जैसे मसालों को शामिल करें या इन्हें एक गिलास गाय के गर्म दूध में मिलाकर पिएं।बहुत सारे भारतीय मसाले,जैसे – दालचीनी और जीरा बहुत अच्छे प्रतिरोधक क्षमतावर्धक हैं।अपने भोजन में लहसुन,अदरक,नीबू और आंवले को शामिल करें।
गिलोय ( अमृत बाली ) एक भारतीय जड़ी बूटी है,जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बहुत प्रभावशाली है।आप बेहतर प्रतिरोधक क्षमता के लिए त्रिफला ( एक आयुर्वेदिक हर्बल रसायन,जो बाज़ार में उपलब्ध है ),तुलसी और मुलेठी भी ले सकते हैं।रिफाइंड चीनी का सेवन ना करें,क्योंकि यह आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बहुत कम कर देती है।
कोरोना वायरस के लक्षण :
कोविड १९ संक्रमण के लक्षणों में खांसी,तेज बुखार,सिर दर्द,नाक का बहना और सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं।घबराएं नहीं,ये मौसमी फ्लू के लक्षण भी हो सकते हैं।
संक्रमण की संभावना :
क्या आप में नोवेल कोरोना वायरस के लक्षण हैं? यदि हां,तो तुरंत ही इन मापदंडों को अपनाएं।
यदि आप किसी संक्रमित व्यक्ति के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शारीरिक संपर्क में या निकट आए हों,या आप किसी ऐसे देश की यात्रा करके भारत वापस आए हों,जहां संक्रमण की दर बहुत अधिक है,या आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए हों,जो ऐसे देश की यात्रा करके आया हो,तो :
. घर में रहें,घबराएं नहीं।
. परिवार के सदस्यों से एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
. परिवार में किसी के साथ भी अपने बर्तन या कमरा ना बांटें।
. कोविड १९ के लिए सरकार के हेल्पलाइन पर कॉल करें।जांच हो जाने तक प्रतीक्षा करें।
एक मजबूत प्रतिरोधक तंत्र और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ किसी भी संक्रमण से लड़ना संभव होता है।सावधानियां बरतना आवश्यक है,लेकिन साथ ही साथ भय या घबराहट को अपने ऊपर हावी ना होने दें।एक समाज के तौर पर इन परिस्थितियों में हमें सतर्क और सजग रहने की आवश्यकता है।हांलाकि,शांत रहना और अपनी मुस्कान बनाए रखना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है!
हर्ष सुमन,डॉ मिताली मधुस्मिता ( आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री तत्व पंचकर्म की वरिष्ठ डॉक्टर ) एवम् डॉ संजीता के ( विभाग की प्रमुख,स्वस्थवृत्ति और योग, एस एस सी ए एस आर ) द्वारा दी गई निविष्टियों के अनुसार।

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