20 छात्रायें हिमालय की पर्वतीय श्रृखलाओं में गंगोत्री पर्वतारोहण के लिए जाएँगी

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नई दिल्ली: आत्मविश्वास प्रत्येक बालिका की बुनियादी ताकत होती है. यदि किसी बालिका में यह आत्मविश्वास होगा तो वो समाज में कुछ कार्य कर सकती है। अंतराष्टीय बालिका दिवस का आयोजन इस संदेश को प्रचारित करने का एक अच्छा प्रयास है। यह बात नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल की पत्नी श्रीमती माला बैजल ने कही। यह कार्यक्रम पालिका परिषद् द्वारा स्वयंसेवी संस्था ‘सच्ची सहेली‘ के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर पालिका परिषद् विद्यालयों की छात्राओं को संबोधित करते हुए श्रीमती माला बैजल ने कहा कि सरकार ने बालिकाओं के उज्जवल भविष्य के लिए अनेक कौशल विकास की योेजनाएं चालू की हुई है । इन योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने शिक्षित युवाओं को बेहतर रोजगार तलाशने की दिशा में कौशल विकास हेतु ‘युवा‘ नायक योजना चला रखी है। अब तक इस ‘युवा‘ योजना के माध्यम से लगभग 8 हजार शिक्षित युवाओं को कौशल विकास के बाद अच्छी नौकरियाॅं मिल गई है। उन्होंने सभी बालिकाओं से अनुरोध किया कि वें सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाकर अपने भविष्य को उज्जवल बना सकती है साथ ही अपना आत्मविश्वास भी सुदृढ़ करके स्वंय का सशक्तिकरण कर सकती है। बालिकाओं को आत्म-रक्षा हेतु प्रशिक्षण देने के लिए जो सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम चलाया गया है उससे भी एक लाख से अधिक लड़कियों ने ट्रेनिंग ली है ।
पालिका परिषद्-सचिव डाॅ रश्मि सिंह ने  घोषणा की कि पालिका परिषद् द्वारा पहली बार विद्यालायों की 20 छात्राओं केे एक दल को हिमालय की पर्वतीय श्रृखलाओं में गंगोत्री पर्वतारोहण के लिए भेजा जा रहा है। यह पर्वतारोहण कार्यक्रम पाॅंच दिन के लिए होगा इसमे इन 20 बालिकाओं को पर्वतारोहण का रोमांचकारी साहसिक अनुभव कराया जायेगा । इस अभियान का उद्देश्य बताते हुए डा सिंह ने कहा कि इससे समाज का यह भ्रम टूटेगा कि केवल लड़के ही ऐसे पर्वतारोहण जैसे रोमांचकारी साहसिक कार्य कर सकते है ।डाॅ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का पूरे विश्व में आयोजन हमे याद दिलाता है उन बाधाओं और चुनौतियों को जिनसे बालिकाओं को बाहर निकालना है और उन्हें एक स्वस्थ, सुरक्षित तथा स्वाभिमानी वातावरण देना है । उन्होंने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें समाज में परम्परागत भूमिका की छवि को तोड़कर अपने ही नहीं और बालिकाओं के भविष्य को भी बेहतर सुरक्षित और आत्मविश्वासी वातावरण का निर्माण करना होगा । डाॅ सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों का सशक्तिकरण केवल घर, परिवार और समुदाय की उन्नति के लिए ही नही अपितु समाज की उन्नति का रास्ता भी यही से है ।‘सच्ची सहेली‘ संस्था की अध्यक्ष डाॅ सुरभि सिंह ने इस अवसर पर पालिका विद्यालयों की 400 से अधिक बालिकाओं को इस अवसर पर संबोधित किया तथा उनसे अनेक विषयों पर विचार विनिमय भी किया । डाॅ सुरभि ने कहा कि प्रत्येक बालिका को अन्य बालिकाओं को जागरूक करने के लिए यह संदेश पहुॅचाने हेतु एक संदेशवाहक राजदूत की भूमिका निभानी होगी और उन्हें अपने विषयों को उठाने के लिए अपनी परम्परागत झिझककारी छवि को तोडना होगा। इस कार्यक्रम में दिल्ली की  नाट्य संस्था ‘अस्मिता‘ के कलाकारों द्वारा ‘आजीविका‘ नाम के एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया और पालिका परिषद् विद्यालयों की बालिकाओं ने भी गीत, संगीत, नृत्य के अनेक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये ।

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